दूसरा ई-कविता पाठ अब २ अक्टूबर, २००६ के स्थान पर १ अक्टूबर, २००६ रविवार को होगा

              रायपुर। देश का दूसरा ई-कविता पाठ अब २ अक्टूबर, २००६ के स्थान पर १ अक्टूबर, २००६ रविवार शाम ७ बजे होगा। यह जानकारी ई-कविगोष्ठी के संचालक श्री जयप्रकाश मानस ने दी हॆ। आशा हॆ अधिक से अधिक हिन्दीप्रेमी श्रोता इसका आनंद लेंगे।

गाँधी जयंती दो अक्टूबर, २००६ को ई-कविता गोष्ठी हेतु आमंत्रण

              रायपुर। "सृजन-सम्मान" के प्रदेश संयोजक जयप्रकाश मानस द्वारा आगामी दो अक्टूबर, २००६ "गाँधी जयंती" के अवसर पर ई-कविता गोष्ठी के तहत आनलाइन कविता पाठ हेतु सुश्री पूर्णिमा वर्मन, संपादक, अभिव्यक्ति, संयुक्त अरब अमीरात, सुश्री लावण्या शाह, वरिष्ठ रचनाकार, अमेरिका, श्री अमरेन्द्र कुमार, संपादक, क्षितिज, अमेरिका, श्री अनूप भार्गव, संयोजक इ-कविता, अमेरिका, श्री सुरेन्द्र नाथ तिवारी, अध्यक्ष, अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति, अमेरिका, श्री सुमन कुमार घई, संपादक, साहित्य कुंज, अमेरिका, डॉ. राम गुप्ता, सदस्य, संपादक मंडल, विश्वा, अमेरिका, श्री तेजिन्दर, सचिव, कथा यूके, ब्रिटेन, श्री पद्मेश गुप्त, श्री मोहन राणा, युवा कवि द्वय, ब्रिटेन, श्री हरिहर झा, वरिष्ठ कवि, मेलबोर्न, सुश्री दीपिका शाह, कुबैत, श्री समीर लाल व सुश्री मानोशी चटर्जी, कनाडा, श्री रोहित कुमार ' हैप्पी', संपादक, भारत दर्शन, श्री रवि रतलामी, ग़ज़लकार, श्री शैलेष भारतवासी, युवा कवि, दिल्ली एवं अन्य देशों सहित भारत के अन्य राज्यों के प्रिय कविगणों को आमंत्रित किया हॆ।

              श्री जयप्रकाश मानस ने अपने ई-मेल में लिखा हॆ कि छत्तीसगढ़ प्रारंभ से ही सासंकृतिक ज़मीन रहा है । इस माटी ने हिंदी को धनी धरम दास (भक्तिकाल), ठाकुर जगमोहन, (भारतेन्दु युग), मुकुटधर पांडेय (छायावाद के प्रवर्तक)पदुमलाल, पन्नलाल, बख्शी, (सरस्वती के 3 बार संपादक), मुक्तिबोध (नई कविता), माधवराव सप्रे(हिंदी के पहले कथाकार), श्रीकांत वर्मा और विनोद कुमार शुक्ल आदि जैसे स्वनामधन्य साहित्यकार हिंदी जगत् को दिया है ।

              आज भी समकालीन हिंदी कविता और साहित्य में राज्य के रचनकारों का कम योगदान नहीं है । आज के दौर के समकालीन कवियों को संचार तकनीकी के नये माध्यम से परिचित कराते हुए आप जैसे सुधी रचनाकारों से हम उन्हें जोड़ना चाहते हैं ताकि इंटरनेट के विश्वव्यापी हस्तक्षेप को वे जान-समझ सकें । स्पष्ट है कि आप और हमारे राज्य के कविगण (11 चयनित कवि, जिसके लिए एक उच्चस्तरीय चयन समिति का गठन किया जाकर प्रकिया प्रारंभ की जा चुकी है ) एक दूसरे को अपनी रचनाधर्मिता से अवगत करा सकेगें । यदि यह संपन्न हो सका तो राज्य के लिए पहला अवसर होगा जब कवि हाइटेक होकर आनलाइन कविता पाठ का आनंद ले सकेंगे ।

              यह अनूठा आयोजन (छत्तीसगढ़ राज्य के मामले में) आगामी 2 अक्टूबर गाँधी जंयती के अवसर पर विश्वबंधुत्व और गाँधीवाद को बढ़ावा देने के लिए रायपुर में किया जा रहा है । इस गोष्ठी में हम आपको आपके राज्य या देश के प्रसंग में संयोजक के रूप में देखते हुए निवेदन कर रहे हैं कि आपका सहयोग एवं मार्गदर्शन मिलेगा । आप न केवल इस ई-कवि गोष्ठी में अपनी रचना का पाठ कर सकेंगे अपितु अपने मित्र कवि गणों को कविता पाठ हेतु अभिप्रेरित करना भी चाहेंगे । इस अवसर पर यहाँ हिंदी के वरिष्ठ विद्वान, भाषाविद्, पत्रकार, शिक्षाविद्, संस्कृति प्रिय वरिष्ठ राजनेता भी उपस्थित रहेगें ।

              इसी अनुक्रम में युवा संगीत के युवा प्रतिभाओं को भी विश्व के श्रोताओं से परिचित कराने के लिए आनलाइन संगीत कार्यक्रम किया जा रहा है जिसमें सर्वप्रथम राज्य की पहचान एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित-प्रख्यात कबीर गायक भारती बंधु का आनलाइन गायन होगा । यह कार्यक्रम हम ई-कवि गोष्ठी के बाद माह नवंबर में करना चाहेंगे ।

              श्री जयप्रकाश मानस ने ई-मेल के माध्यम से निवेदन किया है कि गोष्ठी के समय के बारे में अपनी राय देवें कि क्या 2 अक्टूबर 2006 को संध्या 7 बजे का समय उचित होगा (खास कर विदेश में बसे आप लोगों के लिए) । संध्या 6.45 बजे सभी संयोजक आनलाइन होकर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करायेंगे । एक तरह से आवाज और दृश्य का परीक्षण भी हो सकेगा । गोष्ठी का प्रारंभिक संचालन बतौर भूमिका के छत्तीसगढ़ से होगा । यहाँ से मैं स्वय इसका विवरण 4 मिनट के भीतर दे सकूंगा । तत्पश्चात राज्य के चयनित 11 कवि अपनी कविता का पाठ बारी- बारी से कर सकेंगे । तत्पश्चात क्रमशः एक –एक देश के रचनाकार अपनी 1-1 कविता का कविता पाठ करेंगे । उनका परिचय एवं उनका क्रम निर्धारण आप कर सकेंगे । हर कवि 4-5 मिनट के भीतर अपनी कविता बिना भूमिका कहे पढेगा या सस्वर पाठ कर सकेगा ।

              हम यहाँ उपलब्ध DSL-BRAUD BAND लाइन का उपयोग करेंगे । मेसेन्जर याहू का उपयोग करेगें । साथ ही वेब केम का । याहू मैसेन्जर में हमारा यूजर आईडी होगा- rath_jayprakash@yahoo.com

              आप सहमत हों तो अपनी वेबकेम का अवश्य उपयोग करें ताकि हमारे राज्य के कवि आपको सम्मुख देखते हुए आपकी रचनाओं का आनंद ले सकें । यह हमारा आग्रह मात्र है ताकि हमारे राज्य के पत्रकार, कवि, बुद्धिजीवीगण कंप्यूटर की उन्नत प्रौद्योगिकी को प्रत्य़क्ष देख सकें ।

              यहाँ सबको व्यक्तिगत संबोधित कर पाना संभव नहीं था, सो कृपया अन्यथा लें कि आपको हमने निवेदन किया ही नहीं । आप अपनी सहमति हमे अवश्य प्रदान करें ।

              कृपया सहमति की स्थिति में नाम, कविता की विधा, शीर्षक, निवास (राज्य या शहर का नाम सहित) आदि से हमें 25 सितम्बर 2006 तक अवगत कराने की कृपा करें ।

              श्री जयप्रकाश मानस ने विस्तृत राय एवं प्रकिया सबंधी परामर्श (कोई हो तो )से अवगत कराने का अनुरोध किया हॆ। श्री जयप्रकाश मानस का ई-मेल पता हॆ : rathjayprakash@gmail.com

(प्रेषक : श्री जयप्रकाश मानस, संपादक : www.srijangatha.com )