दसवें अ.भा. अम्बिकाप्रसाद दिव्य स्मृति प्रतिष्ठा पुरस्कार घोषित

            सागर, ३ सितम्बर, ०६। दिव्य पुरस्कार के संयोजक एवं दिव्यालोक के संपादक जगदीश किंजल्क द्वारा जारी प्रेस-विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रीय ख्याति के दसवें अ.भा.अम्बिकाप्रसाद दिव्य स्मृति प्रतिष्ठा पुरस्कारों की घोषणा करदी गई है। पुरस्कारों की घोषणा विद्वान वक्ता एवं पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त श्री के.बी.शर्मा ने की। कार्यक्रम की अध्यक्षता गौर विश्व विद्यालय सागर के पूर्व कुलपति श्री शिवकुमार श्रीवास्तव ने की। इन पुरस्कारों के निर्णायकों में श्री के.बी.शर्मा, प्रो.कान्तिकुमार जैन, डॉ.आर.डी.मिश्र, डॉ.हरिहरशरण त्रिपाठी, डॉ.आनन्द त्रिपाठी एवं कवियित्री श्री विजयलक्ष्मी विभा सम्मिलित थीं।

            इन पुरस्कारों के तहत भोपाल की कथाकार श्रीमती उर्मिला शिरीष को उनके कथा संग्रह 'निर्वासन' के लिए पांच हजार रुपये को, इंदौर की कवियित्री श्रीमती रश्मि रमानी को उनके काव्य संकलन 'बीते हुए दिन' के लिए इक्कीस सौ रुपये को, दिल्ली के निबंधकार श्री पवन चौधरी 'मनमौजी' को उनकी आत्मकथा 'छोटे हाथ बड़े हाथ' के लिए इक्कीस सौ रुपये का और चन्द्रपुर की लेखिका डॉ.बानो सरताज को उनकी बालकृति 'तीस एकांकी नाटक' के लिए ग्यारह सौ रुपये का प्रतिष्ठापूर्ण दिव्य पुरस्कार प्रदान किये जाएंगे।

            इसके अतिरिक्त चौबीस रचनाकारों को उनकी श्रेष्ठ कृतियों के लिए अम्बिकाप्रसाद दिव्य रजत अलंकरण प्रदान किए जाएंगे। इनमें कश्मीरी देवी, रोहतक, ओमप्रकाश अवस्थी, बहराइच, राजीव रंजन उपाध्याय, फैजाबाद, मीरा शलभ, गाजियाबाद, देवेन्द्र कुमार मिश्रा, छिन्दवाड़ा, निमलचन्द्र निर्मल, सागर, सुधेश, दिल्ली, कृष्णगोपाल मिश्र, होशंगाबाद, सरोजिनी कुलश्रेष्ठ, नोएडा, अशोक मनवानी, भोपाल, महेशचन्द्र द्विवेदी, लखनउू, कौशल किशोर श्रीवास्तव, छिन्दवाड़ा, प्रभा माथुर, पूना, पुष्पारानी गर्ग, इंदौर, वीरेन्द्र कुमार अग्रवाल, दिल्ली, सुंदरलाल कथूरिया, दिल्ली, विनय कुमार पाठक, बिलासपुर, सुधा गोस्वामी, जयपुर, सुलभा मकोड़े, भोपाल, पुष्पा रघु, गाजियाबाद, सभाजीत मिश्र, मुंबई, महेश सक्सेना, भोपाल, बिलास बिहारी, पटना एवं गोविन्द पाल, भिलाई सम्मिलित हैं। उक्त पुरस्कारों हेतु कुल १२३ पुस्तकें प्राप्त हुईं थीं।

            उक्त कार्यक्रम में प्रख्यात लेखक प्रो.कान्तिकुमार जैन, प्रख्यात विद्वान् डॉ.आर.डी.मिश्र, आयकर अपर आयुक्त, ग्वालियर श्री ए.के.बार, भारतीय स्टेट बैंक के सहायक महाप्रबंधक श्री सुभाष गोयल, व्यंग्यकार श्री राजेन्द्र नागर, श्रीमती जयंती खरे, श्रीमती राजो किंजल्क, श्री सुन्दरम् एवं श्री अंशुल खरे के अतिरिक्त भारी संख्या में पत्रकार एवं मीडियाकर्मी उपस्थित थे। सभी विद्वानों ने दिव्य पुरस्कारों की लोकप्रियता, व्यापकता और महत्व पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए।
            समारोह के अध्यक्ष श्री शिवकुमार श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा कि दिव्य पुरस्कारों ने सागर नगर को देश में केन्द्रीय स्थान दिलाया है। ये पुरस्कार अखिल भारतीय स्तर पर स्थापिक हो चुके हैं। इस अवसर पर उन्होंने पुरस्कार विजेताओं को बधाई एवं निर्णायकों को धन्यवाद दिया।

            अंत में दिव्य पुरस्कारों के संयोजक श्री जगदीश किंजल्क ने बताया कि वर्ष २००७ दिव्य जी का जन्म शताब्दी वर्ष है। इस वर्ष दिव्य स्कृति समारोह सागर में ही राष्ट्रीय-स्तर पर मनाया जायेगा। इसके अलावा मध्यप्रदेश एवं अन्य प्रदेशों में अनेक स्थानों पर भी दिव्य स्मृति समारोह आयोजित किए जायेंगे।