हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में विकसित करें : अर्जुन सिंह

 


     भोपाल, १२ अक्टूबर २००६ (प्रभासाक्षी)। मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने आज कहा कि हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप विकसित करने की जिम्मेदारी देश के प्रत्येक नागरिक की है। श्री सिंह ने यहां मध्य प्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन की ओर से आयोजित 'मायाराम सुरजन स्मृति व्याख्यान माला' में कहा कि हिंदी भाषा अंतरराष्ट्रीय स्तर की भाषा बन सकती है ऒर यह उन्होंने कुछ समय पहले अपनी जर्मनी यात्रा के दॊरान भी महसूस किया।

     उन्होंने कहा कि जर्मनी में लोग हिंदी के बारे में जानने ऒर सीखने के लिए काफी उत्सुक दिखाई दिये। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि हिंदी भाषा को लेकर अनेक प्रयोग ऒर चर्चायें शुरू से होती आई हैं जिसका क्रम अभी रुका नहीं है। इन सभी स्थितियों के बीच प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह इसे राष्ट्रभाषा के रूप में इसे मजबूत करने ऒर स्थापित करने में अपना योगदान सुनिश्चित करे।

     साहित्य ऒर पत्रकारिता के क्षेत्र में स्वर्गीय श्री मायाराम सुरजन के योगदान की चर्चा करते हुए श्री सिंह ने कहा कि प्रगतिवादी चिंतन ऒर समाज के हितैषी के रूप में उन्हें सदैव याद किया जाता रहेगा। इस मॊके पर सम्मेलन के अध्यक्ष अक्षय कुमार जैन ऒर साहित्यकार भगवत रावत समेत अनेक सुधीजन मॊजूद थे।